अशोक चौधरी का जन्म जुलाई 1952 में वैशाली (बिहार) जिले के लालगंज में एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। इनके पिता एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होने किसी भी सरकारी सुविधा के लिए आवेदन नहीं किया। इन्होने अपनी स्कूली शिक्षा लालगंज तथा मणियारी एवं स्नातक की पढाई मुजफ्फरपुर से पूरी की।
उनका विवाह 20 वर्ष की आयु में हो गया था। जिससे इनके तीन बच्चे, एक बेटा तथा दो बेटियां हैं, जो अब अपने जीवन में स्थापित हो चुके हैं।
प्रारंम्भ में इनहोने पिता के व्यवसाय में हाथ बटाया परंतु उद्योगों में रुचि होने के कारण स्वरोजगार हेतु आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र, जमशेदपुर में 1989 में अपना लघु उद्योग स्थापित किया।
स्वभाव से सामाजिक होने के कारण विभिन्न सामाजिक एवं व्यवसायिक संगठनों से जुङे रहे। अपने कालेज काल में युवा कांग्रेस से जुङाव रहा, परंतु जमशेदपुर में उद्योग सथापना काल में ज्यादा समय उद्योगों से संबंधित संस्थाओं में क्रियाशील रहे तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई ख्याति प्राप्त संस्थाओं के पदाधिकारी भी रहे।
इनकी रूचि विभिन्न विषयों पर किताब पढने तथा प्रतिदिन कुछ नया सीखने की है। यात्रा में भी इनकी विशेष अभिरूचि है जिसके तहत इन्होंने भारत एवं विदेशों का भ्रमण किया है।
अपने पहले विदेश यात्रा के दौरान 2007 में अमेरिका के सामाजिक सरंचना का अध्ययन किया साथ ही न्यूयार्क में आयोजित विश्व हिन्दी सम्मेलन में भी भाग लिया। 2008 में इन्होंने भारतीय प्रतिनिधि मंडल के सदस्य के रूप में आस्ट्रेलिया में डेयरी तथा वायनरी उद्योग का अध्ययन किया।
प्रारंभ से ही इन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता एवं मूल्यों को महत्व दिया है। यही कारण है कि आज इनकी गिनती एक स्वच्छ छवि एवं मूल्यों पर आधारित राजनीति करने वाले नेता के रूप में होती है। |